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मोदी सरकार में बड़ा बदलाव : नये चेहरों को वरीयता

 

रिपोर्ट : नीरज कुमार मिश्रा

मोदी सरकार ने आज (बुधवार) मंत्रिमंडल का विस्तार किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने कुल 43 नए मंत्रियों को अपनी टीम में शामिल किया तथा 11 मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया. ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि अगले साल जिन राज्यों में चुनाव हैं, उन राज्यों के प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी गई है. खबर है कि सभी नए मंत्रियों को कहा गया है कि वे 15 अगस्त तक दिल्ली में ही रहें.
इससे पहले प्रधानमंत्री ने सभी संभावित मंत्रियों को अपने सरकारी आवास पर राजनीतिक शुचिता का पाठ पढ़ाया.
शपथ ग्रहण समारोह शाम 6 बजे राष्ट्रपति भवन में शुरू हुआ तथा 7:30 पर समाप्त हुआ.

शपथ लेने वाले मंत्री निम्न रहे –

– महाराष्ट्र के नारायण राणे ने ली कैबिनेट मंत्री पद की शपथ
– असम के पूर्व मुख्यमंभी सर्वानंद सोनोवाल ने ली कैबिनेट मंत्री पद की शपथ. मोदी सरकार-1 में भी थे केंद्रीय मंत्री

 डॉ. वीरेंद्र कुमार ने शपथ ली. ये एमपी से अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं. ये सातवीं बार लोकसभा चुनाव जीतकर आए हैं. पहले भी केंद्र सरकार में राज्यमंत्री रह चुके हैं.

– मध्य प्रदेश से राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. साल 2020 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था. एमपी की कमलनाथ सरकार गिराने में इनकी अहम भूमिका रही थी. इससे पहले मनमोहन सिंह सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं.

– जेडीयू कोटे से  बिहार के आरसीपी सिंह ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है. ये पूर्व आईएएस अधिकारी रहे हैं. राजनीति में आने के लिए इन्होंने वीआरएस ले लिया था. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. नीतीश कुमार के स्वजातीय और करीबी हैं.
– अश्विनी वैष्णव ने भी कैबिनेट मंत्री के रीप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है. वैष्णव अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में पीएम के निजी सचिव रहे हैं. आईआईटी कानपुर से एमटेक हैं. ओडिशा के रहने वाले हैं.

– लोजपा (पारस गुट) के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. इन्हें मंत्री बनाए जाने पर उनके भतीजे चिराग पासवान ने अपनी नाराजगी जाहिर की है.

– मोदी सरकार में खेल राज्य मंत्री किरेन रिजिजू को प्रोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है.

– मोदी सरकार-2.0 में ऊर्जा राज्यमंत्री रहे आर के सिंह यानी राजकुमार सिंह को प्रोन्नति देकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. उन्होंने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. ये पहले गृह सचिव हैं, जो राजनीति में आए हैं. बिहार के आरा से सांसद हैं.

– केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी प्रमोशन हुआ है.  उन्हे भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. उन्होंने 10वें स्थान पर शपथ ली. पुरी आईएफएस अधिकारी रहे हैं.

– गुजरात के भावनगर जिले के निवासी मनसुख मंडाविया ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. मोदी सरकार में ये राज्यमंत्री हैं. इनका भी प्रमोशन किया गया है. इन्होंने ABVP से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. 2022 के गुजरात चुनावों को देखते हुए इनकी पदोन्नति की गई है.

– बीजेपी के महासचिव और राज्यसभा सदस्य भूपेंद्र यादव को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. कई राज्यों में विधान सभा चुनावों में इन्होंने उल्लेखनीय काम किया है. यादव हरियाणा के रहने वाले हैं. इन्होंने कानून की डिग्री ली है. अमित शाह के करीबी समझे जाते हैं.

– गुजरात से आने वाले पुरुषोत्तम रुपाला का भी प्रमोशन हुआ है. ये पहले केंद्रीय पंचायती राज राज्यमंत्री थे. गुजरात के कड़वा पटेल समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. पीएम मोदी के करीबी रहे हैं और पार्टी संगठन में अहम भूमिका रही है.

– जी किशन रेड्डी मौजूदा सरकार में गृह राज्य मंत्री थे. इन्हें भी प्रमोशन दिया गया है. रेड्डी ने 14वें नंबर पर कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है. ये आंध्र प्रदेश से आते हैं.

 केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर को भी प्रमोट किया गया है. उन्होंने 15वें कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है.

– उत्तर प्रदेश से पंकज चौधरी ने सबसे पहले राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर शपथ ली. वो महाराजगंज लोकसभा सीट से छठी बार सांसद बने हैं. वो पूर्वांचल में बीजेपी की राजनीति में बड़ा चेहरा हैं. चौधरी ने हिन्दी में शपथ ली. यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें मंत्री बनाया जाना अहम है.

– मिर्जापुर से अपना दल की सांसद अनुप्रिया सिंह पटेल की मोदी सरकार में दोबारा एंट्री हुई है. उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया है. मोदी सरकार-1.0 में भी अनुप्रिया पटेल स्वास्थ्य राज्यमंत्री बनाई गई थीं. ये ओबीसी के तहत कुर्मी समुदाय से आती हैं.

 आगरा से सांसद एसपी सिंह बघेल को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. 2014 में बीएसपी छोड़कर बीजेपी में आए हैं. यूपी सरकार में ये कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. सपा में भी रहे हैं. पांच बार लोकसभा के सांसद रहे हैं.

– मशहूर उद्योगपति और निर्दलीय चुनाव जीतने वाले राजीव चंद्रशेखर को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. कम्प्यूटर साइंस में एमटेक हैं. 2016 से बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं. कई संसदीय समितियों के सदस्य रह चुके हैं. कर्नाटक के रहने वाले हैं.

– पश्चिम बंगाल के कूच विहार से सांसद निशिथ प्रमाणिक को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. इनकी उम्र मात्र 35 साल है. उत्तर बंगाल में बीजेपी का विस्तार करने में इनकी बड़ी भूमिका रही है. राजवंशी समुदाय पर इनकी अच्छी पकड़ रही है. सांसद रहते हुए इन्होंने बंगाल विधान सभा का चुनाव भी जीता है. इन्होंने 43वें मंत्री के रूप में शपथ ली.

– तमिलनाडु के डॉ. एल मुरुगन को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. इन्होंने मद्रास यूनिवर्सिटी से एलएलएम और पीएचडी किया है., मद्रास हाईकोर्ट में वकील हैं. युवा हैं. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे हैं.

– जॉन बारला पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार से पहली बार सांसद चुने गए हैं. इन्हें भी राज्यमंत्री बनाया गया है. इन्होंने चाय बागान मजदूर के रूप में भी काम किया है. बंगाल के जलपाइगुड़ी के रहने वाले हैं. ये अल्पसंख्यक (क्रिश्चियन) समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. इन्होंने 41वें मंत्री के रूप में शपथ ली है.

–  गुजरात के रहने वाले डॉ. मुंजापारा महेंद्रभाई को बी राज्यमंत्री बनाया गया है. ये ओबीसी समुदाय से आते हैं. ये भी पेशे से डॉक्टर हैं और मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट हैं. ये मरीजों से दो रुपये फीस लेते रहे हैं. ये 2019 में पहली बार सुरेंद्रनगर सीट से बीजेपी के सांसद चुने गए .

–   पश्चिम बंगाल के बनगांव से पहली बार लोकसभा सांसद बने शांतनु ठाकुर को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. बांग्लादेश से सटे इलाकों में रहने वाले मतुआ समुदाय के बीच इनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. बंगाल से दो लोगों को मंत्री बनाया गया है.

–  ओडिशा के रहने वाले विशेश्वर टुडू को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. ये मयूरभंज से लोकसभा सांसद हैं. टुडू मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हैं. खेलकूद की गतिविधियों से जुड़े रहे हैं. ओडिशा से ये तीसरे मंत्री हैं.

– डॉ. भारती प्रवीण पवार ने भी राज्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है. ये महाराष्ट्र के डिंडोली से पहली बार सांसद चुनी गई हैं. 2019 में इन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला सांसद का खिताब दिया जा चुका है. पवार पेशे से डॉक्टर हैं और पहले मेडिकल प्रोफेशन में रह चुकी हैं. पेयजल और कुपोषण पर इन्होंने बहुत काम किया है.

– मणिपुर से ताल्लुक रखने वाले डॉ. आर के रंजन सिंह को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. ये पीएचडी हैं और पेशे से भूगोल के प्रोफेसर हैं. गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से इन्होंने एमए, पीएचडी किया है.

– महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद भागवत कराड को भा राज्यमंत्री बनाया गया है. कराड भी पेशे से डॉक्टर हैं. ये दो बार औरंगाबाद के मेयर रह चुके हैं. इन्होंने 35वें मंत्री के रूप में शपथ ली है.

– पश्चिम बंगाल के बांकुरा से बीजेपी सांसद डॉ. सुभाष सरकार ने भी राज्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है. वो पहली बार लोकसभा सांसद बने हैं. सुभाष पेशे से डॉक्टर हैं और मेदिनीपुर से ताल्लुक रखते हैं.

त्रिपुरा पश्चिम से सांसद प्रतिमा भौमिक को राज्य मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई. उन्होंने वहां लंबे समय से त्रिपुरा में सत्तासीन रहे वामदलों के खिलाफ सक्रियता से कार्य कर बीजेपी की जीत में अहम योगदान दिया था. वो त्रिपुरा से पहली केंद्रीय मंत्री हैं. वो पूर्वोत्तर से 5वीं केंद्रीय मंत्री हैं.

– कर्नाटक से आनेवाले भगवंत खुबा को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. इन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. खुबा बीदर से सांसद हैं. यहां से ये दूसरी बार सांसद बने हैं.

– गुजरात से आने वाले देवूसिंह चौहान को भी राज्यमंत्री बनाया गया है चौहान राज्य के खेड़ा लोकसभा सीट से सांसद हैं और ओबीसी समुदाय से आते हैं. इन्होंने 2014 और 2019 का चुनाव वहां से जीता है..

– उत्तर प्रदेश के खीरी लोकसभा से सांसद अजय कुमार को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. ये खीरी से लगातार दूसरी बार सांसद बने हैं. ये ब्राह्मण समुदाय से आते हैं. चुनावों को देखते हुए सामाजिक समीकरण के तहत इन्हें मंत्री बनाया गया है.

– बीजेपी के राज्यसभा सदस्य बीएल वर्मा को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. इन्होंने 28वें नंबर पर शपथ ली. वर्मा उत्तर प्रदेश के ओबीसी समुदायसे ताल्लुक रखते हैं. यूपी चुनाव को देखते हुए इन्हें राज्य मंत्री बनाया गया है. वर्मा कल्याण सिंह के करीबी रहे हैं. 1980 से बीजेपी से जुड़े रहे हैं. वर्मा बदायुं से संबंध रखते हैं.

उत्तराखंड से सांसद अजय भट्ट को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. हरीश रावत को इन्होंने तीन लाख से ज्यादा वोटों से हराया था.

उत्तर प्रदेश के मोहनलालगंज से मई 2014 से बीजेपी के सांसद हैं. दलित समुदाय से आते हैं. इन्हें भी केंद्र सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया है.

-कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले ए नारायणस्वामी को भी राज्य मंत्री बनाया गया है. ये अनुसूचित जाति से आते हैं. बीजेपी में काफी लोकप्रिय हैं. कर्नाटक के चित्रदुर्ग लोकसभा सीट से सांसद हैं. इसके पहले कर्नाटक विधानसभा में चार बार विधायक रहे हैं. वो कर्नाटकसरकार में मंत्री भी रह चुके हैं

झारखंड के कोडरमा से सांसद अन्नपूर्णा देवी को भी केंद्र सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया है. साल 2000 में ये पहली बार झारखंड में कोडरमा विधायक बनीं बाद में कोडरमा संसदीय सीट से सांसद चुनी गईं. ये पहले राजद में रह चुकी हैं. बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था. ओबीसी समुदाय से आती हैं.

– नई दिल्ली से सांसद मीनाक्षी लेखी को भी राज्यमंत्री बनाया गया है. ये लोकसभा की विशेषाधिकार समिति की अध्यक्ष हैं. नई दिल्ली सीट से इन्होंने लगातार दो बार जीत दर्ज की है. कानून की जानकार हैं.

गुजरात से आने वाली दर्शना विक्रम को राज्यमंत्री बनाया गया है. उन्होंने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली.  ये सूरत से लोकसभा की सदस्य हैं. इन्होंने बीजेपी महिला मोर्चा में कई अहम पद संभाले हैं. ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं.

– उत्तर प्रदेश के जालौन से बीजेपी सांसद भानु प्रताप वर्मा ने भी राज्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है. ये जालौन से पांचवीं बार सांसद चुने गए हैं. अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं.

 कर्नाटक से दूसरे चेहरे के रूप में शोभा करंदलाजे को राज्य मंत्री बनाया गया है. ये कर्नाटक बीजेपी की उपाध्यक्ष रही हैं. कर्नाटक सीएम येदियुरप्पा की करीबी मानी जाती हैं. चिकमंगलूर से लगातार दूसरी बार सांसद चुनी गई हैं.

जिन 11 मंत्रियों से इस्तीफा लिया गया उनके नाम निम्न हैं –

1. डी.वी. सदानंद गौड़ा

2.  रविशंकर प्रसाद

3. थावरचंद गहलोत

4. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’

5. डॉ. हर्षवर्धन

6. प्रकाश जावड़ेकर

7. संतोष कुमार गंगवार

8. बाबुल सुप्रियो

9. धोत्रे संजय शामराव

10. रतन लाल कटारिया

11. प्रताप चंद्र सारंगी

12. देबाश्री चौधरी

थावरचंद गहलोत पहले ही राज्यपाल बनाए जा चुके हैं.

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